डीजल का विकल्प तैयार करने में जुटी सरकार, 15 करोड़ लीटर बायोडीजल खरीदने का बड़ा प्लान, 85 जगहों पर होगी सप्लाई
85 स्थानों पर होगी आपूर्ति, ₹88 प्रति लीटर तय किया गया आधार मूल्य; सरकारी तेल कंपनियों ने जारी की संयुक्त निविदा

नई दिल्ली: पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के बाद अब केंद्र सरकार ने डीजल में बायोडीजल के इस्तेमाल को गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस दिशा में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने नवंबर 2026 से जनवरी 2027 तक की तीन महीने की अवधि के लिए 15 करोड़ लीटर बायोडीजल खरीदने की संयुक्त निविदा जारी की है। इसके लिए बायोडीजल का आधार मूल्य 88 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। देशभर में 85 निर्धारित स्थानों पर इसकी आपूर्ति की जाएगी।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने 30 अक्टूबर को संयुक्त रूप से यह निविदा जारी की है। इसके तहत नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच कुल 1.50 लाख किलोलीटर यानी 15 करोड़ लीटर बायोडीजल अथवा बी-100 की आपूर्ति मांगी गई है। निविदा के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि 7 नवंबर निर्धारित की गई है।
इस खरीद के लिए निर्धारित 88 रुपये प्रति लीटर के आधार मूल्य के अनुसार बायोडीजल की कुल खरीद का न्यूनतम मूल्य लगभग 1,320 करोड़ रुपये होगा। हालांकि, इस मूल्य में परिवहन लागत और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शामिल नहीं हैं। निविदा से घरेलू बायोडीजल निर्माताओं और फीडस्टॉक आपूर्तिकर्ताओं को बड़े पैमाने पर कारोबार का अवसर मिलने की उम्मीद है।
खराब कुकिंग ऑयल और अन्य स्रोतों से बने बायोडीजल को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल (यूसीओ), वनस्पति तेलों, पशु वसा और अन्य फीडस्टॉक से तैयार बायोडीजल के उत्पादन एवं उपयोग को प्रोत्साहित करना है। बायोडीजल एक नवीकरणीय ईंधन है, जिसे पारंपरिक डीजल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ कचरे के रूप में निकलने वाले इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
तेल कंपनियां पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य के बाद अब डीजल में भी बायोडीजल के इस्तेमाल को गति देने की दिशा में काम कर रही हैं। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, आयात बिल घटाने और स्वच्छ ऊर्जा के घरेलू विकल्पों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
बायोडीजल की बढ़ती मांग से घरेलू निर्माताओं, विशेषकर इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और अन्य जैविक कच्चे माल से ईंधन तैयार करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। देशभर में 85 स्थानों पर प्रस्तावित आपूर्ति व्यवस्था इस क्षेत्र में उत्पादन, संग्रहण और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों को भी विस्तार दे सकती है।


