अब मोबाइल पर मिलेगा काम: ‘ई-श्रम साथी’ ऐप से श्रमिकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान “ई-श्रम साथी” मोबाइल एप (छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक) लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।
चार नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इन संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

तकनीक से निगरानी, अधिकारों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों के औचक निरीक्षण को तकनीक से जोड़ने की बात कही, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग की सक्रियता से लाखों श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।
ई-श्रम साथी: रोजगार और योजनाओं की जानकारी एक क्लिक पर
“ई-श्रम साथी” ऐप के जरिए श्रमिकों को रोजगार के अवसर, पंजीयन, और विभिन्न योजनाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
करोड़ों का बजट, लाखों को लाभ
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत अब तक 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। 26 योजनाओं के जरिए अब तक 2,558 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। वर्ष 2025-26 में ही 315 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ।
श्रमिक कल्याण की व्यापक योजनाएं
राज्य में मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक सहायता, सियान सहायता, आवास सहायता, निःशुल्क कोचिंग और दीदी ई-रिक्शा सहायता जैसी योजनाएं संचालित हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत हर वर्ष कक्षा 6वीं में 100 छात्रों का चयन किया जाता है, जिसे अब बढ़ाकर 200 किया जा रहा है।
डिजिटल सत्यापन और नवाचार पर जोर
ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें अब तक 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव हिमशिखर गुप्ता, विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।