बंगाल में बदलते सियासी समीकरण: रुझानों में भाजपा को बढ़त, भवानीपुर से ममता बनर्जी आगे

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दिए हैं। 293 सीटों पर जारी मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) स्पष्ट बढ़त बनाती दिखाई दे रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दूसरे स्थान पर है। एक सीट—फलता—पर 21 मई को पुनः मतदान होना है।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, भाजपा लगभग 160 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को करीब 45 प्रतिशत और टीएमसी को लगभग 42 प्रतिशत वोट मिलते नजर आ रहे हैं। यदि ये रुझान परिणामों में तब्दील होते हैं, तो पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है।
इस बीच सबसे चर्चित सीट भवानीपुर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं। यह सीट टीएमसी का गढ़ मानी जाती है और यहां से ममता बनर्जी की बढ़त पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए राहत का संकेत है। दूसरी ओर, भाजपा के दिग्गज नेता **सुवेंदु अधिकारी** फिलहाल पीछे चल रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर कुछ चिंता भी देखी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी दौरे के दौरान चर्चित रहा क्षेत्र जहां उन्होंने स्थानीय व्यंजन ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लिया था—वहां भी भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है। झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जो पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त का संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार के चुनाव में ध्रुवीकरण, संगठनात्मक मजबूती और आक्रामक प्रचार अभियान भाजपा के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। वहीं, टीएमसी ने भी अपने सामाजिक कल्याण योजनाओं और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत लोकप्रियता के दम पर कड़ी टक्कर दी है।
एग्जिट पोल के आंकड़े भी अब सही साबित होते नजर आ रहे हैं। कुल 8 एग्जिट पोल में से 6 ने भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था, जबकि 2 ने टीएमसी की वापसी की संभावना जताई थी। मौजूदा रुझान इन अनुमानों के काफी करीब दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जनता का संदेश साफ है। भाजपा को 45 प्रतिशत वोट और टीएमसी को लगभग 38 प्रतिशत वोट मिलना इस बात का संकेत है कि लोग बदलाव चाहते हैं।” हालांकि, अंतिम नतीजों का इंतजार अभी बाकी है और राजनीतिक तस्वीर में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, यह स्पष्ट होगा कि क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पाएगी या टीएमसी आखिरी समय में वापसी कर सत्ता बरकरार रखेगी। फिलहाल पूरे देश की नजरें बंगाल के इस दिलचस्प मुकाबले पर टिकी हुई हैं।
