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मध्यप्रदेश में सामूहिक विवाह के नाम पर फर्जीवाड़ा: वरमाला लेकर इंतजार करते रहे 40 दूल्हे, नहीं पहुंचीं दुल्हनें

3.82 लाख रुपये की ठगी; मुख्य आरोपी समेत पांच गिरफ्तार

देवास:  मध्यप्रदेश के देवास जिले में सामूहिक विवाह के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शादी के लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश कर रहे करीब 40 बेरोजगार और ग्रामीण युवकों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया गया। युवकों को शादी कराने का भरोसा देकर उनसे 10 से 25 हजार रुपये तक लिए गए, लेकिन निर्धारित दिन जब वे बारात लेकर विवाह स्थल पहुंचे तो वहां कोई दुल्हन नहीं मिली। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने इन युवकों को सोशल मीडिया की चर्चित महिला इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरें दिखाकर उन्हें अनाथ लड़कियां बताया और शादी कराने का भरोसा दिलाया। इसके लिए प्रत्येक युवक से अलग-अलग राशि ली गई। 24 और 25 मई को सामूहिक विवाह का आयोजन कराने की बात कही गई थी। निर्धारित दिन सभी 42 दूल्हे शेरवानी पहनकर, गाजे-बाजे और बारात के साथ देवास के क्लब मैदान पहुंचे। दूल्हे शाम तक दुल्हनों का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई दुल्हन नहीं पहुंची तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

इसके बाद विवाह स्थल पर हंगामा हो गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इस फर्जीवाड़े से लगभग 3.82 लाख रुपये की ठगी की। मामले में पुलिस ने 45 वर्षीय मुख्य आरोपी दिनेश बैरागी और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और ठगी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

सोशल मीडिया की तस्वीरों का किया इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवकों को अनाथ बताकर जिन लड़कियों की तस्वीरें दिखाते थे, वे वास्तव में सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखने वाली महिला इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरें थीं। पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण और बेरोजगार युवकों की शादी की जरूरत, सामाजिक दबाव और आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें अपने जाल में फंसाया।

दुल्हनों के आने का देते रहे भरोसा
विवाह के दिन जब दूल्हे और उनके परिजन दुल्हनों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, तब आयोजकों की ओर से लगातार आश्वासन दिया जाता रहा कि दुल्हनें जल्द पहुंच जाएंगी। आयोजकों ने कथित तौर पर कहा कि लड़कियां इंदौर के अनाथ आश्रम से आ रही हैं और शाम पांच बजे तक पहुंच जाएंगी। समय बीतने के बाद भी जब दुल्हनें नहीं पहुंचीं तो आयोजनकर्ताओं ने रात करीब 10 बजे तक का समय बढ़ा दिया। आखिरकार दूल्हों और उनके परिजनों का संदेह गहरा गया और पूरा मामला सामने आया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और सोशल मीडिया से तस्वीरें जुटाकर फर्जी विवाह का नेटवर्क कितने समय से संचालित किया जा रहा था।

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