महतारी वंदन योजना से प्रेमिन वर्मा को मिला आत्मनिर्भरता का आधार
सिलाई मशीन से शुरू किया स्वरोजगार, बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में हर महीने जमा कर रहीं 500 रुपये

- 32 किस्तों में मिले 32 हजार रुपये से बढ़ा आत्मविश्वास, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में निभा रहीं भूमिका
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा करने, स्वरोजगार शुरू करने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत करने में कर रही हैं। बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड के ग्राम उफरा निवासी प्रेमिन वर्मा इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने योजना से मिली राशि का सदुपयोग कर सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। साथ ही वह अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए नियमित बचत भी कर रही हैं।
प्रेमिन वर्मा के अनुसार, परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें पहले रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित आमदनी के बीच बेटी की पढ़ाई और उसके भविष्य के लिए बचत करना भी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए राहत का माध्यम बनी। योजना के अंतर्गत अब तक उन्हें 32 किस्तों में कुल 32 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं।
सिलाई मशीन से शुरू किया स्वरोजगार
प्रेमिन वर्मा ने योजना से प्राप्त राशि की बचत कर सिलाई मशीन खरीदी। इसके माध्यम से उन्होंने घर पर ही सिलाई का काम शुरू किया। अब वह अपने हुनर से आमदनी अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। उनके अनुसार, स्वरोजगार शुरू करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत
स्वरोजगार के साथ प्रेमिन वर्मा अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दे रही हैं। वह महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता में से 500 रुपये प्रतिमाह बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। उनका उद्देश्य बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की अन्य जरूरतों के लिए पर्याप्त धन जुटाना है।
प्रेमिन का मानना है कि नियमित रूप से की गई छोटी बचत भी भविष्य में बड़ा सहारा बन सकती है। इसी सोच के साथ वह अपनी वर्तमान जरूरतों और भविष्य की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए आर्थिक सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
आर्थिक संबल से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रेमिन वर्मा के अनुसार, महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें बचत करने और स्वयं का काम शुरू करने का हौसला दिया है। सिलाई मशीन उनके लिए केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वह स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ बेटी के बेहतर भविष्य के लिए भी आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।
प्रेमिन वर्मा की कहानी दर्शाती है कि नियमित आर्थिक सहायता का योजनाबद्ध उपयोग महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी निभाने और भविष्य के लिए बचत करने में मदद कर सकता है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि का सदुपयोग कर उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

