छत्तीसगढ़

नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में आंगनबाड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार ने बस्तर संभाग के 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पक्के भवनों की स्वीकृति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र भवनविहीन न रहे और बच्चों व माताओं को सुरक्षित तथा सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक के बाद संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने का माध्यम बन सके।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये डीएमएफ, सीएसआर और अन्य स्थानीय संसाधनों से उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी और बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगी।

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