छत्तीसगढ़

एक लाख के नक्सली ने किया आत्मसमर्पण, दस सालों से संगठन में था सक्रिय

NAXALITE SURRENDER
सुकमा। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सली काफी उत्पात मचाते रहते हैं। आजादी के इतने सालों बाद भी बस्तर के अंदरूनी इलाकों में खौफ बरकरार है। यहां नक्सली कभी किसी ग्रामीण की हत्या कर देते हैं तो कभी बम विस्फोट कर देते हैं। इन्हीं नक्सली गतिविधियों को कम करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा कई तरह के अभियान (NAXALITE SURRENDER) चलाए जा रहे हैं।

एक लाख का इनाम घोषित
इन अभियान से प्रभावित होकर अब तक थाना किस्टाराम क्षेत्र में विगत 10 वर्षों से नक्सल संगठन में सक्रिय रहे ईनामी नक्सली ने नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में बिना हथियार के आत्मसमर्पण (NAXALITE SURRENDER) किया। आत्मसमर्पित नक्सली पर छग शासन द्वारा 1 लाख का ईनाम घोषित है।आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

पूना नर्कोम अभियान से हुआ प्रभावित
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के प्रचार-प्रसार तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे। पूना नर्कोम अभियान (नई सुबह, नई शुरूवात) से प्रभावित होकर व नक्सलियों से तंग आकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य कुरसम अर्जुन (डीएकेएमएस अध्यक्ष) किस्टाराम ने नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में किरण चव्हाण अति. पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स एवं हेमंत प्लास सहायक कमाण्डेन्ट 208 वाहिनी कोबरा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण (NAXALITE SURRENDER) किया गया। प्रोत्साहित करने में 208 वाहिनी कोबरा के आसूचना शाखा के कार्मिकों का विशेष सहयोग रहा।

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