कोरोना के बाद अब “हंटा वायरस” से दुनिया में बढ़ी चिंता, क्रूज शिप से फैले संक्रमण के बाद WHO अलर्ट पर… जानिए क्या है हंटा वायरस?

नई दिल्ली: दुनिया एक बार फिर एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस संक्रमण को लेकर सतर्क हो गई है। दक्षिण अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे डच क्रूज शिप MV Hondius पर फैले हंटा वायरस संक्रमण ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कई देशों को अलर्ट जारी करते हुए संक्रमित यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज पर अब तक कम से कम 7 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमितों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और नीदरलैंड के यात्री शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ यात्रियों को विशेष मेडिकल निगरानी में अमेरिका और यूरोप के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
क्या है हंटा वायरस?
हंटा वायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर संक्रमण है, जो सामान्यतः चूहों और अन्य कृन्तकों (Rodents) के मल, मूत्र और लार के संपर्क से फैलता है। संक्रमित धूल या हवा के जरिए भी यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है। इसके कारण फेफड़ों और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार सामने आया संक्रमण “एंडीज वायरस” (Andes Virus) स्ट्रेन से जुड़ा है, जो हंटा वायरस का ऐसा प्रकार माना जाता है जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की क्षमता होती है। यही कारण है कि WHO और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
कैसे शुरू हुआ मामला?
जानकारी के मुताबिक, MV Hondius नामक लक्जरी एक्सपेडिशन क्रूज शिप 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआया बंदरगाह से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों में तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत और गंभीर श्वसन संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दिए। शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन बाद में जांच में हंटा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।
जहाज पर मौजूद कई यात्रियों को अलग-थलग रखा गया और बाद में स्पेन के कैनरी द्वीप तथा अन्य देशों में विशेष मेडिकल व्यवस्था के तहत स्थानांतरित किया गया। WHO, CDC और यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियां संयुक्त रूप से संपर्क ट्रेसिंग और संक्रमण नियंत्रण का काम कर रही हैं।
क्या कोविड जैसी महामारी बन सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा बहुत कम है और यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से हवा में फैलने वाला संक्रमण नहीं माना जाता। हालांकि एंडीज स्ट्रेन के कारण सीमित मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना ने चिंता जरूर बढ़ाई है। WHO ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण रोकने के लिए संक्रमित लोगों की निगरानी, आइसोलेशन और 42 दिन तक स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी है।
हंटा वायरस के प्रमुख लक्षण
* तेज बुखार और ठंड लगना
* शरीर और मांसपेशियों में दर्द
* सिरदर्द और कमजोरी
* सांस लेने में परेशानी
* गंभीर मामलों में फेफड़ों में संक्रमण और किडनी फेल होने का खतरा
बचाव कैसे करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, चूहों और गंदगी वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना, संक्रमित धूल से बचना, सफाई के दौरान मास्क और दस्ताने का उपयोग करना तथा लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है।
फिलहाल WHO और विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।

