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Bye bye 2021: खुशियों के साथ गम भी ले आया यह साल, इन दिग्गज राजनेताओं ने ली अंतिम सांसें, जानिए…. 

साल 2021 में भारत में कई सारी घटनाएं हुई। इस साल खुशियां भी आईं और गम भी। कई दिग्गज राजनेताओं ने अंतिम सांसें गिनी। तो आईये जानते हैं उन राजनेताओं के बारे में, कि वे कौन हैं, क्या हैं, और आखिर उन्होंने कब अपनी अंतिम सांसें लीं।
2 जनवरी: बूटा सिंह, 86, भारतीय राजनीतिज्ञ
सरदार बूटा सिंह एक भारतीय राजनीतिज्ञ है। वे पूर्व में भारत के गृह मंत्री थे तथा बिहार के राज्यपाल के पद पर रह चुके है। सिंह भारत के राजस्थान राज्य के जालौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार सांसद निर्वाचित हुए थे। 2 जनवरी 2021 को उनका निधन हो गया।

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22 फरवरी मोहनभाई सांजीभाई देलकर, 58, भारतीय राजनीतिज्ञ सांसद
एक भारतीय राजनीतिज्ञ और आदिवासी अधिकार अधिवक्ता थे। वे दादरा और नगर हवेली निर्वाचन क्षेत्र से सात बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए , केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर में हवेली और दमन और दीव। वे कई बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा रहे थे, और उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी खुद की पार्टी भारतीय नवशक्ति पार्टी की स्थापना भी की थी। 22 फरवरी 2021 को उन्होंने देह त्याग कर दिया।

6 मई: अजीत सिंह, 82, भारतीय राजनीतिज्ञ
अजीत सिंह एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र थे। वे भारत के कृषि मंत्री रहे और वो २०११ से केन्द्र की यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष रहे। उत्तर प्रदेश के बागपत से निर्वाचित सांसद भी रहे थे। 6 मई 2021 को गुरुग्राम में कोविड-19 से उनकी मृत्यु हो गयी।

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11 मई: के. आर. गौरी अम्मा, 101, भारतीय राजनीतिज्ञ 
के. आर. गौरी अम्मा केरल राज्य की महिला मंत्री और विद्युत मंत्री थी। एक वह मार्क्सवादी क्रांतिकारी, अधिवक्ता, और राजनयिक लेखक थीं। उन्होंने केरल में स्थित एक राजनीतिक दल जनथिपथीय संरक्षण समिति (जेएसएस) का नेतृत्व किया। 11 मई 2021 को उनका निधन हो गया।

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8 जुलाई: वीरभद्र सिंह, 87, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
वीरभद्र सिंह भारत गणराज्य के राज्य हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। वीरभद्र सिंह छ: बार हिमाचल प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री रहे। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 28 मई 2009 को इस्पात मंत्री बनाए गये थे। 87 साल के वीरभद्र सिंह ने 8 जुलाई 2021 शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली।

21 अगस्त: कल्याण सिंह, 89, उत्तर प्रदेश के 2 बार के पूर्व मुख्यमंत्री 
कल्याण सिंह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वहीं, केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल भी बनाया गया। राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कल्याण सिंह ने छह दिसंबर, 1992 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 21 अगस्त 2021 को उन्होंने अंतिम सांसे ली।
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1 सितंबर: सैयद अली शाह गिलानी, 91, कश्मीरी अलगाववादी नेता
सैयद अली शाह गिलानी एक पूर्व कश्मीरी अलगाववादी हुर्रियत नेता थे जो भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में हैं। उन्होंने जम्मू और कश्मीर में अलगाववादी दलों के समूह, ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह जम्मू और कश्मीर के सोपोर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार (1972,1977 और 1987) विधायक रहे। 1 सितंबर 2021 को उनका निधन हो गया।
23 अक्टूबर: वी. गोविंदन, 80, राजनेता
इस साल ही वी. गोविंदन जैसे दिग्गज राजनेता ने भी 23 अक्टुबर 2021 को अंतिम सांसें ली।
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4 नवंबर: सुब्रत मुखर्जी, 75, भारतीय राजनीतिज्ञ
सुब्रत मुखर्जी एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे, जो पश्चिम बंगाल सरकार के कैबिनेट मंत्री और पश्चिम बंगाल विधान सभा के वर्तमान सदस्य थे। वह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे । वह 2000 से 2005 तक कोलकाता के 36वें मेयर भी रहे। 4 नवंबर 2021 को उन्होंने अंतिम सांसें ली।

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