एक हाथ में चाकू, दूसरे में पत्नी का सिर… बीवी का सिर धड़ से अलग कर गांव में घूमता रहा पति, वीडियो हुआ वायरल
कोरबा की वो रात… जब एक चीख ने पूरे गांव को दहला दिया

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बुंदेली गांव में बुधवार की शाम सब कुछ सामान्य था। लोग अपने-अपने घरों में थे, बच्चे खेल रहे थे और गांव की गलियों में रोज की तरह सन्नाटा उतरने लगा था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यह गांव एक ऐसी खौफनाक घटना का गवाह बनने वाला है, जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप जाएगी।
गांव के पोल्ट्री फार्म में चौकीदारी का काम करने वाला 58 वर्षीय सालिक राम यादव अपनी पत्नी चेचबाई (कुछ रिपोर्ट्स में चैत कुंवर) और चार बच्चों के साथ वहीं रहता था। बताया जाता है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चरित्र शंका और घरेलू झगड़े ने रिश्ते में इतनी कड़वाहट घोल दी थी कि आए दिन दोनों के बीच बहस होती रहती थी।
बुधवार शाम भी घर के भीतर विवाद शुरू हुआ। पहले कहासुनी हुई, फिर गुस्सा हिंसा में बदल गया। आरोप है कि शराब के नशे में धुत सालिक राम ने घर में रखे धारदार हथियार से पत्नी पर हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि उसने पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन इस वारदात का सबसे भयावह हिस्सा अभी बाकी था।
हत्या करने के बाद आरोपी घर से बाहर निकला। एक हाथ में खून से सना बड़ा चाकू और दूसरे हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर। गांव की गलियों में वह बेखौफ घूमता रहा। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी चीख निकल गई। लोग घरों के दरवाजे बंद करने लगे। कई ग्रामीण डर के मारे दूर खड़े होकर वीडियो बनाने लगे, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी कुछ देर तक गांव में घूमता रहा, फिर सिर और हथियार को प्लास्टिक की बोरी में रखकर पुलिस चौकी की ओर बढ़ गया। सूचना मिलते ही रजगामार चौकी पुलिस और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पत्नी उस पर लगातार शक करती थी, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
इस घटना के बाद पूरा बुंदेली गांव सदमे में है। जिन गलियों में बच्चे खेलते थे, वहां अब सिर्फ इसी खौफनाक वारदात की चर्चा हो रही है। चार मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ चुका है, जबकि उनका पिता सलाखों के पीछे पहुंच गया है।

